इज़रायलियो को ख़ुद भी दिखाई देने लगे हैं इजरायल के विनाश के लक्षण…

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ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने हाल ही में तेहरान की यात्रा पर आने वाले सीरिया के वक़्फ़ मंत्री और धर्मगुरुओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात में कहा कि जल्दी ही हम और आप देखेंगे कि आप बैतुल मुक़द्दस में नमाज़ अदा कर रहे हैं। खामनेई का ये बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्यूंकि इज़राइल के अंदर इस तरह के समीकरण बनते नज़र आ रहे हैं, जो अतिग्रहणकारी शासन के विनाश की तरफ़ इशारा करते हैं।


इलाक़े में फ़िलिस्तीन पर अवैध क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ संघर्ष बहुत तेज़ी से मज़बूत हो रहा है। उनका दायरा बढ़ता जा रहा है।इसके साथ इज़राइल अखबारों में भी ऐसी रिपोर्ट्स छापी जा रही है, जिनसे साफतौर पर पता चल रहा है की कि इज़रायली अधिकारियों और आम ज़ायोनियों को भी ख़तरे की घंटी सुनाई देने लगी है।  ज़ायोनी शासन के शिक्षा मंत्री नफ़ताली बेनेट ने हाल ही में नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज सेंटर में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि अगर युद्ध हुआ तो इज़राइल के आंतरिक मोर्चे को इतना नुक़सान पहुंचेगा कि साल 1948 में भी उसे ऐसा अनुभव नहीं हुआ होगा। अब उनके दुश्मन कमज़ोर नहीं हैं। उनके पाद यह ताक़त आ गई है कि वह हज़ारों मिसाइलों की बरसात कर सकते हैं।


आपको बता दें ज़ायोनी शासन ने एक आंतरिक व्यवस्था बनाई है जिसे आंतरिक मोर्चा कहा जाता है इससे अभिप्राय इज़राइल के ज़ायोनी समाज तथा अवैध कब्जे वाले फ़िलिस्तीन में बनाए गए मूल इंस्टीटूशन है। इस मोर्चे में सारे बिजलीघर, सरकारी संस्थान, इमारतें, सड़कें और सार्वजनिक स्थल शामिल हैं। ज़ायोनियों ने इस साल सेना में एक आंतरिक ढांचा तैयार किया और उसके माध्यम के आंतरिक मोर्चे के संचालन की व्यवस्था निर्धारित की। सेना की इस भीतरी कमान का प्रमुख नगरीय रक्षा विभाग से सहयोग करता है।


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